Safe Drinking Water Essay In Hindi

जल का महत्व


जल, मानव जाति के लिए प्रकृति के अनमोल उपहारों में से एक है। मानव शरीर में दो तिहाई मात्रा पानी की है। इससे स्पष्ट है कि जल का हमारे जीवन में कितना महत्व है। पृथ्वी के हर जीव के लिए जल की बहुत आवश्यकता होती है। पेड़-पौधों के लिए भी जल की बहुत आवश्यकता होती है। जल तरल, ठोस एवं गैस रूप में विद्यमान होता है। 


जल जीवन का सबसे आवश्यक घटक है और जीविका के लिए महत्वपूर्ण है। यह समृद्र, नदी, तालाब, पोखर, कुआं, नहर इत्यादि में पाया जाता है। हमारे दैनिक जीवन में जल का बहुत महत्व है। हमारा जीवन तो इसी पर निर्भर है। यह पाचन कार्य करने के लिए शरीर में मदद करता है और हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। यह हमारी धरती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमारे जीवन की गुणवत्ता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण घटक है और एक सार्वभौमिक विलायक है।

जल के बिना हमारे जीवन की कल्पना करना भी कठिन है। परन्तु विडंबना है कि जल के महत्व को समझते हुए भी मनुष्य ने इसे दूषित करना प्रांरभ कर दिया है। जल-प्रदूषण और जल की बर्बादी के परिणामस्वरूप अब हमारे पीने के लिए ही शुद्ध जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिसके दूरगामी परिणाम अच्छे नहीं हैं। यह भविष्य के लिए कदापि उचित नहीं है। जल जीवन के अमृत के रूप में जाना जाता है। इसलिए जीवन को बचाने के लिए पानी का संरक्षण अति आवश्यक है। 


कहते हैं जल ही जीवन है। जल के बिना धरती पर मानव जीवन की कल्‍पना भी नहीं की जा सकती। मनुष्‍य चांद से लेकर मंगल तक की सतह पर पानी तलाशने की कवायद में लगा है, ताकि वहां जीवन की संभावनायें तलाशी जा सकें। लेकिन, क्‍या धरती पर रहने वाले हम पानी के वा‍स्‍वितक मूल्‍य को समझते हैं। कहते हैं पानी तो जितना पियो उतना कम है। लेकिन, क्‍या यह बात पूरी तरह से सही है। शायद नहीं!


जरूरत से ज्‍यादा पानी पीना भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। अति हर चीज की बुरी होती है और पानी भी कोई अपवाद नहीं। पानी कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और वसा की तरह ही पोषण का काम करता है। पानी हमारे घुटनों, कलाई और सभी अंतरंग भागों की चिकनाई के साथ-साथ जोड़ों को स्‍वस्‍थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस लेख में पानी के महत्‍व और उससे जुड़ी कुछ बातों को जानते हैं।

 

 

क्‍या ज्‍यादा पानी से नुकसान होता है?

हां,आप अपने शरीर से पसीने, मलमूत्र और सांसों आदि के जरिए जितना पानी निकालते हैं उससे ज्यादा पानी पीना नुकसानदेह हो सकता है। पानी का ओवरडोज किडनी पर आवश्‍यकता से अधिक दबाव डालता है।

 

क्‍या जिम जाने वालों को ज्यादा पीने की जरूरत होती है?

आपकी गतिविधियां आपकी पानी पीने की क्षमता को निर्धारित करती हैं। प्रति 100 कैलोरी सेवन पर आपको आधा गिलास या 100 मिमि. पानी पीना चाहिए। इसी के हिसाब से थोड़ा ऊपर नीचे हो सकता है। अगर आप ज्‍यादा दौड़ भाग करते हैं या चलते-फिरते हैं, तो उसमें 500 से 1000 तक कैलोरी जुड़ जाती चाहिए। अगर आप जिम जाते हैं तो ऐसे में आपको अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।

 

महिलाओं और पुरूषों को कितना पानी पीना चाहिए?

महिलाओं और पुरूषोंके पानी पीने की आवश्‍यकता उनके बीएमआर और एक्टिविटी लेवल पर निर्भर करती है। साधारणतयाः जिम न जाने वाले व्यक्ति को 500 कैलोरी और जिम जाने वाले को 1000 कैलोरी के हिसाब से पानी पीना चाहिए। बहरहाल, 100 कैलोरी के लिए 100 एमएल पानी पीना जरूरी है। एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति के लिए दिन भर में 12-13 गिलास पानी पीना र्प्याप्त होता है।

 

 

क्‍या पानी पीने से चेहरे की झुर्रियां दूर हो जाती हैं?

हां, कुछ हद तक तो यह सही है। पानी पीने से चेहरे पर नमी रहती है। वैसे भी एक निश्चित अंतराल के बाद स्किन को ठीक रहने और हेल्दी बनाने के लिए पानी पीने की सलाह दी जाती है।


क्या कम पानी पीने से एसिड यूरिन आता हैं?

यह सही है कि पानी ब्लैडर कैंसर को रोकता है। लेकिन बच्चों को ऊर्जा के लिए पानी पीना चाहिए। सिर्फ व्यस्कों को ही ब्लैडर कैंसर से बचाव के लिए अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है। यूरिन में एसिड का हाई लेवल होना नुकसानदासक नहीं है लेकिन किसी व्यक्ति फिर चाहे वह महिला हो या पुरूष का गलत खान-पान और अधिक वजन होने पर समस्या पैदा होती है। ऐसे में अधिकतम पानी पीकर यूरिन एसिड लेवल कम करने की सलाह दी जाती है।

 

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला को कितना पानी पीना चाहिए?

पानी गर्भवती के लिए भी बहुत अहम न्यूट्रिशन है। गर्भधारण के समय इसके अलग-अलग रूपों में प्रभाव पड़ते हैं।यह मिसकैरिज, कब्ज और रक्त स्राव को रोकता है। महिला को गर्भ के तीसरे महीने में दोगुने रक्त की जरूरत होती है क्योंकि किडनी का काम ऐसे में अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में फ्लूड की जरूरत भारी मात्रा में पड़ती है। गर्भवती महिला को दिन में जूस व अन्‍य पेय पदार्थों के साथ कम से कम 13 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को तरल पदार्थों पर खासा ध्यान देना चाहिए। जब भी वे फीड कराएं उससे पहले एक गिलास पानी पीना काफी लाभदायक होता है, यह फीडिंग के दौरान हुई फ्लूड की कमी को भरता है।


खाने से पहले और बाद में क्या पानी पीना चाहिए?

हमारे शरीर में एन्जाइंम से पानी का कार्य नहीं पूरा होता क्योंकि यह हमारे पाचन तंत्रों में मिक्स नहीं हो पाता। पानी तो शरीर में जाने वाले पौष्टिक आहार को टुकड़ों में विभाजित करता है। इसीलिए भोजन करने से कुछ समय पहले पानी पीने की सलाह दी जाती है।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते है।

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